काश तुम मेरा वो पहला कॉल ही नही उठाई होती तो अच्छा होता। काश तुम उस दिन कुछ नही कहते तो अच्छा होता।
काश उस दिन तेरे मोबाइल में नेटवर्क ही नही होता।।
ना मैं तेरी मीठी आवाज सुनता और नही ही तुम में फिदा होता।।
हम हम ही होते और तुम तुम ही होती तो अच्छा होता।।
तुम बेकसूर ही रहती हो अच्छा होता।।
काश हम नही मिले होते तो ही अच्छा होता।।
काश उस दिन तुम मुस्कुराई नही होती तो आज हम हम होते और तुम तुम होती।।
काश मैं तेरे घर नही गया होता और अपने हाथो तुम मुझे खिलाई नही होती।। उस में तुम प्यार की गोली मिलाई नही होती। तो शायद मैं तुम पे फिदा नई होता और तुम्हे प्यार किया था इस कदर की अब तुम्हे भुलाए नहीं भूलते ।।काश हम मिले ही नही होते।। तो आज हम हम होते और तुम तुम होती।
काश तुम ने मुझे कभी अपने सीने से लगाई नही होती। काश तुम ने मुझे झूठी मोहब्बत जताई नही होता।।
काश तुम ने पहले ही सब सच्चाई बता दी होती तो ये दिन ही नही आती और ना ही ये दिल में दर्द होता और ना ही ये रोने धोने का लाफरा होता।। काश हम हम होते और तुम तुम होती।
गुस्सा आता है खुद पे क्यों तुम से मिले थे।। काश हम मिले ही नही होते तो अच्छा होता।।