हा मैं आधुनिक नारी हूं
मैं जननी,जीवन और शक्ति हूं
मैं सुंदरता का दुसरा रूप हूं
माँ ,बेटी,बहन,पत्नि हर रूपमैं अलग पहेचान मेरी
मैं पहेले जेसी अबला कमजोर नही अब
मैं स्वाभिमानसे जीती बहोत खुद्दार हूं
हा में आधुनिक नारी हूं
माँ बापका अभिमान और सम्मान हूं
मैं अब सिर्फ घर नही देश भी चलाती हूं
अब मेरी हर क्षेत्रमे पहेचान है
अपने भुजबलसे हर सपना पुरा करती हूं
हर मुश्किलसे लडके रास्ता बनाती हूं
हा मैं आधुनिक नारी हूं
मेरे घरकी आन के लिए सबसे लड जाती हूं
अब नही पछे मैं,पुरूषसे कंधे से कंधा मीलाती हूं
इस स्वार्थी जगमे प्रेमकी परिभाषा हूं
मैं दुष्टो के लिए चंडी,दुर्गा और काल हूं
हा मैं आधुनिक नारी हूं
नामः दक्षा भाटी