“आज याद बहुत तुम आये हो….
आज हल्की हल्की बारिश है,और सर्द हवा का रक़्स भी है ।
आज फूल भी बिखरे बिखरे हैं और उनमें तेरा अक्स भी है।
आज बादल गहरे गहरे हैं और चाहत पे लाखों पहरे हैं ।
कुछ टुकड़े तुम्हारी यादों के बड़ी देर से मेरे दिल में ठहरे हैं ।
मेरे दिल पे यूँ तुम छाये हो….आज याद बहुत तुम आये हो….