जब तक जिव शुद्ध नहीं होता, तब तक परमात्मा उससे आंख नहीं मिलाते और जब चार आंखें एक ना हो तब तक दर्शन में आनंद नहीं मिलता । (श्रीमद् भागवत)
- श्री रामचंद्र केशव डोंगरे जी महाराज
और अगर दर्शन के समय आंखों में से आंसू निकलते हैं तो मतलब है कि भगवान आपकी प्रार्थना सुन रहा है और आप सच्चे मन से भगवान को याद करते हैं इसीलिए आरती के पश्चात या दर्शन के पश्चात हमारी आंखें भर जाती है। - बिंदु
जय द्वारकाधीश 🙏🏻
०३:०६ PM
२७/०५/२२