हर बस्ती में हर कूचे में,
ये जिंदा लाशें रहने दो,
तेरी ज़िद देखी,हरकत देखी,
पर मुझको भी तो कहने दो,
दिल बारिश बनकर बरसे जब,
तुम उसको रेत सा बहने दो,
हैं जख्म कई,तुम देखोगे?
छोड़ो,मुझको सहने दो!
अब जो भी है बस बहुत हुआ,
दिल कहता है अब रहने दो....
🖤🖤🖤🖤
पागल दिवाना