कृष्ना से प्रीति ओर राम से समर्पण,
शिव से अडगता ओर हनुमान से निडरता,
सूर्यदेव से रोशनी तो चंद्र की शीतलता,
संस्कृति ने ही सारे गुण निचोड़े है,
तो पर्सनालिटी डेवलपमेंट के सेमिनार क्यों?
इंसान को सब कुछ दिया है ईश्वर ने,
तो आत्मसंतोष छूटता है क्यों?
-Setu