# कविता ***
# विषय .पतंग "
पतंग की तरह ,ज्यादा जीवन में उडा न करें ।
अपनी हैसियत को पहचाने ,ज्यादा इतराया न करें ।।
अन्यथा कोई धरती पर पटकेगा ,यह बात जाना करें ।
फडफडा कर नीचे गिरेगे ,अधिक गर्व न किया करें ।।
पतंग की तरह महान बने ,ऊँचाई को छुआ करें ।
पर अहम् में आकर ,किसी का अपमान न किया करें ।।
सादगी ही जीवन है ,सादगी को अपनाया करें ।
सादगी से ही महान बनें ,सरल हृदय बना करें ।।
जीवन अनमोल है ,उसे किसी को बताया न करें ।
अभिमान ने सबको नीचे पटका ,यह कबूल करें ।।
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