तेरे आने से सरहदें तंग क्या हुई ,
मेरे मिलने से राहतें दंग क्या हुई ।
तेरे जानें से मसलें हल क्या हुये ,
मेरे देखने से बातें जल क्या गई ।
तेरे मेरे शहर में इश्क़ के दंगें क्या हुये ,
लोग मज़हबी तानाबाना खूब सुना गये ।
तेरे मेरे ख्याल का ऐसा जहर घोला ,
लव-जिहाद का नाम मशहूर हो गया ।
-© शेखर खराड़ी ( २१/१०/२०२०)