ना जाने कैसी तलाश है हम खोए जाते,
छुपाते कर आंसू रोए जाते है।
हर वक्त डूबे रहते है दुनियादारी में,
फिर भी इस दुनिया को समझ ना पाते है।
ए जिन्दगी तू ख़बर रख ले हम हारने वाले नहीं,
काई रातो के साथ हम खुद जगाए जाते है।
अक्सर कहते है लोग गुम हो जाती हैं निंदे मोहब्बत में,
मुझे देखो हम जिम्मेदरियो में ना सो पाते है।
भोर में चांद छोटा हो जाता हैं, रंगीन दुनिया के लिए सो जाता हैं,
हर रोज़ उगता है नया नया हर रोज फिर ख़तम हो जाता हैं।
बड़ी लतीफे हुई है ईश्क पर हमने भी किरदार बदला,
जिंदगी के ईश्क नाते बहुत है।