क्या जानना चाहते हो खुली किताब हुं में
अगर पढ़ना आये तो पढ़ लो
बहोत ही सरल लिपि हूं में अगर उकेल सको तो उकेल लो
पढ़ने वाले बहोत है लेकिन सब अपने विचारों के हिसाब से पढ़ते है
बाकी तो संवेदना से भरा दिल है पानी से छलकती आँखे है अगर दर्द किसी ओर को आये तो बहने लगती है ये आँखे
तभी तो लिख पाते है अगर जान सको तो जान लो रुजुता से भरी ममता है
-Shree