# विषय .दिल्लगी ***
# विधा .कविता ****
किसी से कभी ,दिल्लगी मत कीजिए ।
दिल बडा नादान ,उससे मजाक मत कीजिए ।।
दिल किसी को चाहे ,उसे अपना लिजीए ।
दिल के साथ बेवफाई ,मत किया कीजिए ।।
अंखियाँ किसी की राह देखें ,उन्हे खुश कीजिए ।
किसी दिलजले को ,जलाया मत कीजिए ।।
किसी के धावों ,पर नमक छिडका मत कीजिए ।
कुछ दे नही सकते ,पर उसे रुलाया मत कीजिए ।।
अगर कोई रुठा है ,तो उसे मनाया कीजिये ।
नही तो आपकी ,दिल्लगी उसके प्राण ले सकती है ।।
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