👉दिल से शायरी ब्रह्मदत्त
🔘🔘🔘🔘🔘🔘🔘🔘🔘अपने आप से बातें करनाऔर इठलाना इश्क़ है--
तन्हाईयों में मुस्कुराना और घबराना इश्क है;
एक बात को खुद से बताना और सबसे छुपाना इश्क़ है;
यु तो नींद नहीं आती हमें रात भर;
मगर सोते-सोते जागना और जागते-जागते सोना इश्क़ है
यूँ ही लोग प्यार में नहीं डूबते, प्यार में कुरबान हो जाना भी इश्क़ है
तन्हाई के मौसम में तड़पना, और खो जाना भी इश्क़ है _ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
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