#पोस्टमैन
दादी का प्यार,, दादा का दुलार भर भर के पाते थे,,
वो पीला लिफ़ाफ़ा जब पोस्टमैन अंकल लाते थे...
महीनो के इंतजार का दर्द उसमे छिपाते थे,,,
अपना नाम पढ़ते थे तब भैया हंसते हुए रो जाते थे,,,,
वो पीला लिफ़ाफ़ा जब पोस्टमैन अंकल लाते थे...
खुश हूँ बहुत, दीदी ये हर बार लिखकर बताती थी,,,
पर आँसू जो सूखे खत पर, तो सब कह जाते थे,,
वो पीला लिफ़ाफ़ा जब पोस्टमैन अंकल लाते थे...