आपके माता पिता जैसे भी हों, वो स्वीकार्य होने चाहिए,,और स्त्री कैसी भी हो उसका निरादर नही होना चाहिए,! आपका असली मित्र आपका खुद का पैसा ही है,! तुम्हारी पहचान तुम्हारे व्यवहार से ही होती है,,धन दौलत,स्टेटस और तुम्हारे पास की वस्तुओं से नहीं,,, ''तुम चाहे मानो या न मानो''।