जनाजे पे लें जाओ हमको.. |
मगर किताबों मे दफनाओ.. |
न रुख़सत करो समशान मे. |
न भष्मी भुत करो.. |
राख बन जायेंगे तो, |
खाख रहे जायेंगे, |
करो रोशन हमको की, हम |
शब्द बन जायेंगे... |
हर वो लब्ज पे हम ढहेरेंगे..|
जो किताबों पे मरते है |
कौन कहेता है .. अमर कोई नहीं होता |
आगे सदियों तक..हम पन्नों पर जिये जायेंगे.. |