आईना-2
चलिए अब दूसरी कहानी पढ़िए....
(2)
इस कहानी में भी आप एक नन्हीं परी के पापा हैं.. बहुत खूबसूरत आँखों वाली, हँसती है तो पूरा घर चहकने लगता है.. चारों ओर पापा.... पापा... की गूंज सुनते हैं आप....
आपकी बेटी ही आपकी दुनिया है.. आप उसे गोद में उठा जोर से हवा में ऊपर उछालते हैं, और वो चहक कर कहती है पापा और ऊपर.....
और आप हर बार और ऊपर की कोशिश करते हैं, और उसकी खिलखिलाहट और बढ़ जाती है..
दिन बीतते गए, और हर बीतते दिन के साथ आपकी बेटी बड़ी होती गई.. वो बहुत खूबसूरत युवती बन गयी है.. अपने पैरों पर भी खड़ी हो गयी है.. आप चाहते हैं कि उसके योग्य किसी अच्छे लड़के से उसकी शादी करना..
तभी अचानक आपको पता चला आपकी बेटी अस्पताल में है.. ज़िन्दगी और मौत से लड़ रही है। आपको डर लग रहा है.. आपका वो खूबसूरत अतीत आपकी आँखों के सामने चारों और घूम रहा है.. हर तरफ एक ही गूंज है..
पापा...... पापा......
आप अस्पताल पहुँचे.. पता चला कि किसी लड़के ने उसके चेहरे पर तेजाब फेंका है, बेटी का कोई कुसूर नहीं है। उसने आपकी बेटी से प्यार का इज़हार किया था.. और आपकी बेटी ने एक अच्छी बेटी के तौर पर इंकार कर दिया था। बस इतनी सी बात थी।
आपकी बेटी के चहरे से पट्टियां निकाली गयी, और हर तरफ चीख सुनने को मिलने लगी।
आप एक कोने में खड़े हिम्मत ही नहीं जुटा पा रहे उसके पास जाने की, उससे कहने की.. कि बेटा सब ठीक है, कुछ नहीं हुआ.. आप रो रहे हैं, और वो अभी भी सदमे में है..
आप डर रहे हैं की कहीं वो अपना चेहरा ना देख ले.. लेकिन कब तक..?
आप उसे पुचकार रहे हैं, लाड़ कर रहे हैं, लेकिन उसकी पीड़ा को आप कितना भी कम करने की कोशिश कर लें, आप नहीं कर पा रहे..
वो सोती है तो डर से कांप कर उठ जाती है, जागती है तो लोगों की बातें उसे हर वक़्त चुभती हैं..
वो आपकी तरफ देख रही है जैसे कह रही हो पापा मेरी ग़लती नहीं थी। फिर ये सजा क्यों, फिर ये ताने क्यों..
मुझे वापस वही छोटी बच्ची बना दो ना पापा.....
आप खामोशी से अपनी बेबसी पर आँसू बहा रहे हैं..
....
अब आप क्या करेंगे?? मोमबत्ती लेकर धरना करेंगे.. मगर कितने दिन??
क्रमशः
#रूपकीबातें