काम का आनंद
आर 0 के0 लाल
काम करना मनुष्य की आदत है वह बिना काम किए सामान्य जिंदगी नहीं जी सकता । काम छीन लेने से व्यक्ति बेचैन हो जाता है। हम केवल अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए ही काम नहीं करते बल्कि स्वयं को फिट रखने के लिए भी काम करते हैं मगर ज्यादातर लोग काम को एक बोझ समझते हैं। पैसे के लिए काम करना और काम करते हुए उसका आनंद लेना दो अलग अलग बातें है। अपने काम में हमें आनंद और सुख मिले तो जिंदगी ज्यादा थकाऊ और उबाऊ नहीं रह जाती। काम को पूरे दिल से करना और कष्टदाई कार्यों को अनेकों तरह से आनंदमय बनाने का प्रयास ही सफलता का मूल मंत्र है।