एक गरीब आदमी अपनी गरीबी से इतना दुखी हो गया था की उसने नजदीक की ही एक नदी में अपना जीवन समाप्त करने के बारे में सोचा जैसे हे वो आदमी नदी के पास पहुंचा वहां नदी के किनारे एक साधू महाराज रहता था जिसने उसे ऐसा करने से रोक लिया। साधू ने उस आदमी से खुदखुशी का कारण पूछा उस आदमी ने सब कुछ उस साधू को बता दिया। आदमी की परेशानी सुनकर साधू ने उसे कहा मेरे पास इसका उपाय है। मेरे पास एक ऐसी विद्द्या है जिस से एक ऐसा जादुई घडा बन जायेगा जिससे वो आपकी सारी इच्छाएं पूरी कर देगा। परन्तु जब भी वो घडा टूटा उसी समय आपसे सब कुछ छीन लेगा सब कुछ गायब हो जाएगा |
साधू ने कहा यदि तुम मेरी 2 वर्ष तक सेवा करते हो तभी में तुझे वो घड़ा दे सकता हूं और अगर तुम मेरी सेवा 4 साल तक करते हो तो में तुझे घडा बनाने का मंत्र सिखा दूंगा। साधू महाराज में केवल 3 साल की ही सेवा करना चाहता हूँ मुझे जल्दी से जल्दी बस यह घडा चाहिए में इसे बहुत संभाल कर रखुगा और इसे टूटने नहीं दूंगा ।
इस तरह 2 वर्ष की सेवा करने के बाद आदमी ने भो घडा प्राप्त कर लिया और ख़ुशी -ख़ुशी अपने घर चला गया । इस तरह उसने जादुई घड़े से अपनी सारी इच्छाएं पूरी करनी शुरू कर दी । सबसे पहले उसने अपने लिए सुंदर सा महल माँगा इसके बाद उसने धन –दौलत मांगी । इस तरह उसकी चर्चा आस -पास के गांवों और शहरों में होने लगी । अब वो सब को बुला कर खाने पर अच्छी -अच्छी दावतें देने लगा। अब उसने शराब भी पीनी शुरू कर दी थी । एक दिन उसने शराब पीकर नशे में घडा सिर पर रख लिया और नाचने लगा अचानक घडा उसके सिर से नीचे गिर गया और घडा टूट गया और घडा टूटते ही सब कुछ गायब हो गया।
अब भो आदमी पछताने लगा काश में शराब पीकर यह सब कुछ ना करता और साधू महाराज से घडा बनाने की विद्द्या सीख ली होती।
Moral – कोई भी कार्य जल्दी में नही करना चाहिए बल्कि उसके बारे में गहरा ज्ञान आपको अनुभवी बनाता है।