उलझे हुए मन और उलझी हुई जुल्फ़ों में,पुरुष ने अक्सर उलझी हुई जुल्फ़ों को सुलझाना चुना,क्योंकि जुल्फें उँगलियों से सुलझ जाती हैं,पर मन... वहाँ धैर्य चाहिए, सुनना पड़ता है, समझना पड़ता है, और कभी-कभी स्वयं को भी बदलना पड़ता है।शायद इसी कारण कई प्रेम बालों की तारीफ़ तक तो पहुँचे, पर मन की गिरहों तक कभी पहुँच ही नहीं पाए।