REGO ; Proposal for Right to Expel & Punish govt Officers
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इस कानून का सार : यह क़ानून स्कूल-अस्पताल-थानों-अदालतों-बैंक एवं मीडिया को सुधारने के लिए लिखा गया है। यदि प्रधानमंत्री इस क़ानून को गेजेट में छाप देते है तो प्रत्येक नागरिक को एक वोट वापसी पासबुक मिलेगी। जिला स्तर पर एसपी , जिला जज , शिक्षा अधिकारी , चिकित्सा अधिकारी एवं केन्द्रीय स्तर पर DD चेयरमेन , RBI गवर्नर , CBI डायरेक्टर, केन्द्रीय सूचना आयुक्त एवं सेंसर बोर्ड चेयरमेन इस पासबुक के दायरे में होंगे। तब नागरिक यदि इनमे से किसी अधिकारी के काम काज से संतुष्ट नहीं है, और उसे नौकरी से निकाल कर किसी अन्य व्यक्ति को लाना चाहते है तो वे पटवारी कार्यालय में जाकर अपनी हाँ दर्ज करवा सकेंगे। यदि नागरिको का बहुमत किसी अधिकारी को नौकरी से निकालने के लिए हाँ दर्ज कर देता है, तो प्रधानमन्त्री या मुख्यमंत्री अमुक अधिकारी को नौकरी से निकाल सकते है। बाद में इस वोट वापसी पासबुक में सरपंच, सभापति आदि जन प्रतिनिधियों के पन्ने भी जोड़े जा सकेंगे। इसके अलावा उपरोक्त अधिकरियों एवं इनके स्टाफ से सम्बंधित शिकायतों की सुनवाई करने तथा दंड देने की शक्ति जजो के पास नही, बल्कि आम नागरिको की जूरी के पास रहेगी। इस कानून को संसद से पास करने की जरूरत नहीं है। इसे प्रधानमंत्री द्वारा सीधे गेजेट में छापा जा सकता है।
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इस क़ानून का हेश टेग : #VoteWapsiPassBook , #Rego106 , #P20180436106 ,
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--------क़ानून ड्राफ्ट का प्रारम्भ--------
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[ टिप्पणी : इस ड्राफ्ट में दो भाग है - (I) नागरिकों के लिए सामान्य निर्देश, (II) नागरिकों और अधिकारियों के लिए निर्देश। टिप्पणियाँ इस क़ानून का हिस्सा नहीं है। नागरिक एवं अधिकारी टिप्पणियों का इस्तेमाल दिशा निर्देशों के लिए कर सकते है। ]
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भाग (I) नागरिको के लिए निर्देश :
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(01) इस क़ानून के गेजेट में छपने के 30 दिनों के भीतर आपको यानी प्रत्येक मतदाता को एक वोट वापसी पासबुक मिलेगी।
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(02) तब यदि आप जिला या केंद्र स्तर के किसी अधिकारी के काम काज से संतुष्ट नहीं है और उसे नौकरी से निकालकर किसी दुसरे व्यक्ति को नौकरी पर रखना चाहते है तो पटवारी कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी हाँ दर्ज करवा सकेंगे। आप अपनी स्वीकृति SMS, ATM या मोबाईल एप से भी दर्ज करवा सकेंगे। ये 9 अधिकारी वोट वापसी पासबुक के दायरे में आयेंगे - जिला स्तर पर पुलिस प्रमुख, जिला जज, शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जूरी प्रशासक, एवं केन्द्रीय स्तर पर दूरदर्शन चेयरमेन, रिजर्व बैंक गवर्नर, सीबीआई डायरेक्टर एवं सेंसर बोर्ड का चेयरमेन।