Hindi Quote in Poem by Sudhir Srivastava

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

गौमाता
********
आज गोपाष्टमी है,
आज हम गौमाता की
पूजा, सेवा करते हैं,
शायद औपचारिकता निभाते हैं।
क्योंकि
हम गायों को माँ मानते हैं
उनकी पूजा करते हैं,
उनके अमृतरूपी दूध का पान करते हैं,
उनके मूत्र, गोबर का
बहुतेरा प्रयोग करते हैं,
पूजा पाठ में गौ के दूध का ही नहीं
गोबर का भी उपयोग करते हैं।
गौमाता में देवी देवताओं का
सदा वास होता है,
पशुधनों में गौमाता का
खास स्थान होता है।
पर समय की गति देखिये
कि हम श्रद्धा तो खूब दिखाते हैं
गाय को माता बताते है,
पर गौ पालन से कोसों दूर भागते हैं।
विचार कीजिए हम कहाँ जा रहे हैं
माँ भी कहते हैं और उपेक्षा भी करते हैं,
अहम और दिखावे में पड़कर
हम गौसेवा से दूर भागते हैं।
और तो और
इतने पाषाण हो गये हैं हम
कि गौवंश काटे जाते हैं
उनके माँस का भक्षण
जंगली जानवरों की तरह हो रहे हैं
हिंंदू, मुसलमान की बात छोड़िए
जाति धर्म के नाम पर गौमाता को
बलि का बकरा बनाते हैं।
ऐसा लगता है कि अब हम
इंसान कहलाने के लायक नहीं हैं।
माँ तो अपने बच्चों में भेद नहीं करती
फिर हिंंदू मुसलमान के चक्कर में
अपनी गौमाता को क्यों हैं पिसते?
अब भी समय है चेत जायें
गौमाता को अपमानित, उपेक्षित न करें
अपने सिरों पर पाप का बोझ
अब और न ही धरें,
गौमाता को सिर्फ़ दुधारू
पशु समझने की भूल न करें,
उनकी महत्ता, गरिमा को महसूस करें,
अब और न घमंड करें।
वरना बहुत पछताएंगे
गौमाता की आह नहीं झेल पाएंगे,
तब बस हाथ मलते रह जाएंगे,
सिर्फ़ आँसू बहाएंगे, पछताएंगे
मगर कुछ कर नहीं पायेंगे
गौमाता, गौमाता की बस
करुण पुकार लगाएंगे।
👉 सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921
© मौलिक, स्वरचित

Hindi Poem by Sudhir Srivastava : 111763192
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now