कैसे समझाए, नील गगन नीला क्युं ?
हरा भरा प्राकृतिक , रंग लीला क्यु?
अश्रु बहते गरम, आहें नरम नरम भी,
जीए आनंद , दर्द दिल अलविदा क्युं?
संकल्प विकल्प से ,जाले ,बुन लेते हम,
मन इच्छा तृष्णा से, , होता रंगीला क्युं?
इन्तज़ाम किया है , सब कुछ कुदरत ने,
जिंदगी से इन्सान को होती है गिला क्युं?
जी रहे अंजान, अपनी हयाति से दूर दूर
जानते नहीं जीवन हमको यहां मिला क्युं?