Hindi Quote in Blog by Saroj Prajapati

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नासूर

अरे! इतनी जल्दी कैसे आ गए आप । अभी तो पार्टी ठीक से शुरू भी नहीं हुई होगी।"
"कुछ नहीं। बस तबीयत ठीक नहीं लग रही थी और कोई बात नहीं ।" वह नजरें चुराते हुए बोले और बिना उसकी ओर देखें अंदर चले गए।
आरती जी उनके चेहरे को देख समझ गई थी । उनका वह उतरा चेहरा सारी कहानी बयां कर रहा था । उसे पढ़ वह खुद को भी कहां संभाल पाती थी। आज फिर वही हुआ होगा! सोच बेचैन हो वह भी अपना काम छोड़, वहीं धम्म से सोफे पर बैठ गई।
मन में विचारों का झंझावात फिर से उमड़ने लगा। क्यों यह समाज उन्हें चैन से जीने नहीं देता। जिस बात को वह भूलने के लिए बरसों से अथक प्रयास कर रहे हैं, उसे ही बार-बार क्यों कुरेदता है!!!
उनकी गलती क्या है? बस इतनी ही ना कि जिस समय समाज में लोगों के लिए लड़कियों की शिक्षा के विषय में  कोई सोचता तक ना था, केवल उनकी शादी कर अपने कर्तव्य की इतिश्री समझते थे। उन्होंने अपनी बेटी को उच्च शिक्षा दिलवाई और अपने पैरों पर खड़े होने लायक बनाया।

लेकिन  लेकिन  आह!!!!!

याद करते हुए आरती जी के सीने में दर्द की ऐसी  टीस उठी कि उनकी आंखों से आंसू निकल आए। वही बेटी उन्हें  जीवन भर का दुख दे , गर्त में धकेल, अपने सहकर्मी के साथ शादी कर विदेश चली गई।
एक बार हमें बताती तो सही! हम पर इतना विश्वास ही नहीं किया तुमने! एक बार भी मुड़ कर नहीं देखा हमारी ओर! अपने दिए  उन जख्मों की ओर जिस पर तुमने अपने नव जीवन की नींव रखी।।।
एक बार आकर तो देखो और सुनो समाज के उन यक्ष प्रश्नों को जो इतने वर्षों बाद भी हमें चैन नहीं लेने दे रहे।।
तिल तिलकर हमें मरने पर मजबूर कर देते हैं।
'बेटी का कुछ पता चला ? फोन आया?  कहां गई?  क्या फायदा हुआ इतना पढ़ा कर!!!"
तुम्हारे दिए उस जख्म को इतने वर्षों बाद भी समाज ने भरने  ही नहीं दिया !! इन प्रश्नों के नुकीले तीरों ने तो अब उन्हें नासूर बना दिया है , जो जीवन भर रिसते ही रहेंगे।
सरोज ✍️
स्वरचित व मौलिक

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ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताओं का म्यूजिक एल्बम अंतर्धारा
ममता गिरीश त्रिवेदी
आपकी रचना यात्रा सचमुच शब्दों से संगीत तक पहुँचती दिखाई देती है।
“अंतर्धारा” केवल एक एल्बम नहीं, बल्कि भावनाओं, स्मृतियों और अनुभूतियों की बहती हुई धारा जैसा प्रतीत होता है। 🌹

Spotify पर साझा किया गया आपका ट्रैक और Amazon Music पर उपलब्ध एल्बम यह दर्शाते हैं कि आपकी कविताएँ अब सुरों के माध्यम से श्रोताओं तक पहुँच रहा हैं।

आपके एल्बम ANTARDHAARA में कई सुंदर शीर्षक शामिल हैं जैसे —
“बारिश की धुन”, “बीती यादें”, “दिल के तार”, “शब्दों की रोशनी”, “सीप के मोती और ख्वाब” — ये नाम ही अपने भीतर काव्यात्मक चित्र बना देते हैं।

आपके लिए एक भावपूर्ण परिचय पंक्ति:

> “ममता गिरीश त्रिवेदी की लेखनी से निकले शब्द,
अब सुर बनकर अंतर्मन में बहते हैं — अंतर्धारा ✨”


“कविता जब संगीत से मिलती है,
तब जन्म लेती है — अंतर्धारा 🌹”



Spotify सुनने के लिए:
[Spotify – ANTARDHAARA Track](
https://open.spotify.com/track/6I3MTrddjgZpu5thXI2G6a?si=Va529bBUQqaPjmMf-3k1SA &utm_source=chatgpt.com)

Amazon Music एल्बम:
[Amazon Music – ANTARDHAARA](https://music.amazon.in/albums/B0GCNX3N79?utm_source=chatgpt.com)



https://open.spotify.com/track/6I3MTrddjgZpu5thXI2G6a?si=Va529bBUQqaPjmMf-3k1SA

ममता गिरीश त्रिवेदी

अंतर्धारा एल्बम ममता त्रिवेदी

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