बेचारगी का रोना क्यो रोते है लोग लड़कियों को लेकर !
अगर कुछ अच्छे विचार रखते हैं उनके प्रति , तो प्रकट करे सम्मान देकर |
पर यह सम्मान दिल से हो ,दिखावे का यहाँ काम नही |
बलत्कारी !बलात्कारी ! चिल्लाकर आखिर क्या सुधार कर लेंगे ,
पिशाचो के कानो मे क्या आप दर्द भर देंगे ! करना है बात ही उनके हित के बारे मे , तो कीजिये केवल उनके विकास की!
अपने माथे पर झूठे सान्त्वना का न तिलक करें, उन्हे अबला , कमजोर , लाचारगी से मण्डित करने की आदतो को कृपया त्याग दें|
महिलाओं के सम्मान मे एक महिला के विचार 🙏