वो जो कुछ भी #मूल्यवान है
उसका व्यापार संभव है।
धरा पर कहीं न कहीं,
कभी न कभी,
कोई न कोई,
उसका मूल्य लगा ही देगा।
लगाया तो चुका भी देगा।
यूँ ,जो कुछ भी #मूल्यवान है,
इधर से उधर,
इसका से उसका,
होता ही रहेगा।।
मत चाहो उसे, जो #मूल्यवान है।
ढूंढो उसे जो अनमोल है,
अमूल्य है, जिसका व्यापार संभव नहीं।।
अनमोल है, कोई,
भुवनमोहिनी मुस्कान।
कोई दृढ़ विश्वास।
कोई अपनेपन की बात।
कोई स्नेह भरा हाथ।
और आसक्ति रहित अनुराग।।
#मूल्यवान = #कीमती
#कीमती