बातें एक जैसी होती हैं
पूरब से पश्चिम तक
उत्तर से दक्षिण तक
धरती से आकाश तक।
नदियां एक समान बहती हैं,
पहाड़ों के ढलान एक जैसे होते हैं,
पक्षियों की उड़ान में एकरूपता दिखती हैं,
घरों में एक सा मनुष्य रहता है,
जनम और मृत्यु के आंकड़े एक जैसे होते हैं।
*महेश रौतेला