# face(nazm)
ये कैसा सपाट चेहरा है क्या हुआ है ,इसे ज़रा पूछें इसको
देते हैं मंत्र हँसने का ,आँखों में ज़िंदगी भर दें
आओ ,इसके लिए सभी मिलकर, उस खुदा से कुछ दुआ कर लें
ये कोई घायल हुआ परिंदा है ,जिसको रौंदा है इस ज़माने ने
शायद कुछ रिश्तों ने या फरिश्तों ने ,की है नाइंसाफ़ी इसके साथ कभी
इसको देते हैं दिलासों के फूल की माला ,आँखों में इसके रोशनी भर दें
जो भी हैं ज़ख्म सूख जाएंगे ,गर इसे मिल सकें दोस्त कुछ आपसे ही ------
फिर ये चेहरा कँवल सा खिल जाए चलो,मिल करके बंदगी कर लें
न कोई रुष्ट हो ज़माने में ऎसा आस्मां और ज़मीं कर लें |