आपका वो मुस्कुराना, न जाने कब छू गया दिल को मेरे चुपके चुपके ।
न जाने कब आप बन गये जिवन मेरा, धीरे धीरे, चुपके चुपके
जिन्दगीमें मेरी आये बहार बनके, दिल में समा गये, बन के मेरे, चुपके चुपके
न जाने कब, तन मन पे एक नशा बनके छा गए आप, चुपके चुपके
और फिर, हम अपना दिल ही खो बैठे, न जाने कब यह हुआ, चुपके चुपके ।
जागते सोते, धीरेसे मेरे ख्वाबो खयालो में छा गए, चुपके चुपके
जिवन बन गये, मुझमे समा गये, दिल की धड़कन बन गये, बडे ही चुपके चुपके
क्या कहूँ इसे? आपका मेरे सांसोमे समाना यूह चुपके चुपके !!!
Armin Dutia Motashaw