"मन की पारदर्शिता सदैव झलकती है ,
और यह बनावटी अकड़ से कहीं ज्यादा बेहतर है, निश्छल व्यक्ति सदैव एक बालक के समान प्रतिक्रया करता है| तर्कशक्ति की तलवार से वह अपने स्वभाव को नही काटता , यह बनावटी नही होता वरन् , सत्य है जो उसे परमसत्य की ओर ले जाता है| मनुष्य शान्त तभी होता है जब उस परमशान्ति मे विलीन हो जाये | भौतिकता ध्वन्यात्मक होती है ,जो संगठित हो कोलाहल मे परिवर्तित हो जाता है| " जय श्री कृष्ण
#बनावट