कलम ✍️ kavyotsav 2. 0
विधाता का लिखा कोई,
मिटा नहीं सकता
कलम की उसको कोई,
झुका नहीं सकता
लिखे जाते हैं वहाँ,
नित रोज नये किस्से
कभी बचपन के पल,
कभी जवानी के किस्से,
कलम में उसकी,
कोई भेद नहीं है,
उसने लिखे कई लेख,
कोई एक नहीं है,
कलम है उसकी,
सबसे पुरानी,
जिससे शुरू ही थी,
ये दुनिया की कहानी।
Uma vaishnav
(स्वरचित और मौलिक)
सुरत. (गुजरात)