दीप बनो
अँधेरों से मत घबराना,
खुद एक छोटा दीप बन जाना।
राह कठिन हो, काँटे बिछे हों,
फिर भी मुस्कुराकर आगे बढ़ जाना।
जीवन केवल अपना नहीं,
हर धड़कन में संसार बसा है।
जो आँसू किसी के पोंछ सके,
वही इंसान सच्चा बना है।
ज्ञान बाँटो, प्रेम लुटाओ,
सेवा को अपना धर्म बनाओ।
कर्म की राह पर चलते-चलते,
हर दिल में विश्वास जगाओ।
ना धन अमर है, ना वैभव,
ना ऊँचे महलों की पहचान।
अमर वही है इस धरती पर,
जिसने जीता हर एक इंसान।
यदि एक दीप जल सका,
तो लाखों दीप जल जाएँगे।
प्रेम, करुणा और सत्य के पथ पर,
नए सवेरे फिर आएँगे।
चलो ऐसा जीवन जी जाएँ,
जिसे याद करे हर इंसान।
कर्म बने पूजा की माला,
सेवा बने हमारी पहचान।