सुरमई निगाहों में अधखिली कली होगी
दिलजलों को लूटने कोई चंचला चली होगी ।
सुरमई निगाहों में झील सी लहर होगी
बूँद बूँद पीने वास्ते प्यास उम्र भर होगी ।
सुरमई निगाहों में आपका करम होगा
मुस्कुरा के यूँ न देखिए प्यार का भरम होगा ।
सुरमई निगाहों में प्यार का नशा होगा
चाहतों के साये में इक शहर बसा होगा ।
@सर्वाधिकार सुरक्षित-डाॅ.विजय प्रताप शाही