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जागृत ही है वो बस उसे पहचानना बाकी है। - SA YRI KING I belive in jisus
सो गया ये जहां सो गया आसमान तो तुम क्यों जग रहे हो उल्लू की तरह तुम भी सौ जाओ - SA YRI KING
कल शायरी लिखते-लिखते सो गया. तेरे ख्यालों में न जाने कहाँ खो गया.... उठा तो पाया खुद को तेरी बाहों में. सोचा सपना होगा इसलिए फिर सो गया...!
आज कल का फेसम का सीन अलग है काला कपड़ा पहनों तो रंग गोरा लगता हैं और सफेद कपड़ा पहने तो रंग काला लगता हैं अजीब ही सीन दोनों रंगों में अजीब की कशिश है
कह देता हु मेरा कहना तो नहीं बनता मेरे Dil के सिवा तेरा कही और रहना तो नहीं बनता....!!!! - SA YRI KING
उमर भर में उतार ना पाऊँ ~ इतना कर्जा है तुम्हारा, गौर से देखो मेरी नजरों में, भगवान जैसा दर्जा है तुम्हारा..!! - SA YRI KING
तुम्हारी नज़रों में नहीं बची मेरे लिए हमदर्दी तुम्हारे लबों पे नहीं बचे मेरे नाम के बहाने तुम्हारे लिहाज़ में नहीं बची मेरे लिए सादगी तुम्हारी अदा में नहीं बची मेरे लिए अदाकारी तुम्हारे देखने में नहीं बचा मेरे लिए ध्यान तुम्हारे चलने में नहीं बचा मेरे लिए रुकना, पलटना पर तुम्हें बचाने को बचा हूँ मैं तुम्हारे लिए आज भी ।
गाय का बच्चा गाय का दूध पिता है बकरी का बच्चा बकरी का पिता है उट का बच्चा उट का पिता है भेष का बच्चा भेष का दूध पिता है फिर ये इंसान का बच्चा इंसान का भी पिता है गाय का भी बकरी का भी भेस का भी तभी जानवरों जैसी हरकत करता है
इश्क़ इश्क़ करता है ज़माना, कोई इश्क़ से वाकिफ़, हमें भी करवाओ,, अगर जीने मरने का सौदा होता है, कोई इश्क़-ओ-दुकान पे, हमें भी ले जाओ,, कहते है, आंखों आंखों में होता है ये इश्क़, अंधे क्या करते है फिर ? उस अंधाधुंध मौत से, हमें भी मिलवाओ,, ममता तौबा करके ऐतबार भी करले, ऐ इश्क़ करने वालो, सूरमा-ए-इंतज़ार मिटा के, आंसू पीना हमें भी सिखाओ।
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