Quotes by A in Bitesapp read free

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@anisroshan324329
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मेरा बयान लिख लीजिए साहब,
मैंने सच बोलने की कोशिश की थी...

फ़िक्र मत कीजिए हुजूर, गवाह अब कोई ज़िंदा नहीं।

ये और बात कि दरिया दिखाई देता था, तमाम प्यास का रिश्ता तो एक कुएँ से था।.....

फ़लक ने और बुलंदी अता की उसके बाद, जहाँ से गिरने में बाकी कोई कसर न रही....

फ़िक्र की कोई बात नहीं है, भूख अब आदत में आ गई है।


बड़ी अजीब है रिश्तों की आख़िरी मंज़िल, बिछड़ भी जाओ तो इल्ज़ाम साथ चलता है।......


बात इतनी थी कि तुम लौट के आ सकते थे, अब ये कहना कि ज़रूरी था, ज़रूरी भी नहीं।......


उसे यक़ीन था, दीवार गिर नहीं सकती, दरार चुप थी, मगर अपना काम करती रही......


सब सबूतों को आग दे दी है, अब मुक़दमा बहुत मज़बूत है।.......


हर वफ़ादारी का मतलब सम्मान नहीं होता, न जाने क्यों... ये इल्म जिंदगी में देर से आता है।

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दूसरी कभी नहीं चाहूंगा
मगर
तेरी हमशक्ल मिली तो सोचूंगा

दो शब्द इस तस्वीर के लिए...
कमेंट दिल से लिखना इस तस्वीर को गोर से देख कर


मोहब्बत हासिल हुई पर ग़रीबी के साथ नए दौर की शुरुआत की बदनसीबी के साथ मेरी झोली में उसने इतना भी ना डाला जितना फेंक देते है लोग अमीरी के साथ

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इत्र की औक़ात सामने आ गई जब पहली बारिश पड़ी मिट्टी पर

ये छलयुग है !

यहाँ प्रेम तो सत्य है, पर प्रेमिका नहीं।।

दोस्ती के बाद मोहब्बत हो सकती है,

मोहब्बत के बाद दोस्ती नहीं।


क्योंकि दवा मरने से पहले काम करती है,



मरने के बाद नहीं।

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ठीक है औरतों से अर्थी नहीं उठाई जाती,

वरना वहा भी आधे रास्ते छोड़ देती !

उनको प्यार जताना नहीं आता, लेकिन हर ज़रूरत पूरी करते है।

खुद एक जोड़ी कपड़े में गुजारा करते है, लेकिन मुझे राजकुमारी बना के रखते है ॥

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उलझी शाम को पाने की ज़िद न करो; जो ना हो अपना उसे अपनाने की ज़िद न करो;

इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते है; इसके साहिल पर घर बनाने की ज़िद न करो..

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