#कुछ एहसास 🥀
एक तड़प थी उन बातों में
जो तेरे दिल से निकलती थी,
यूंही नहीं तेरी तरफ खींचा चला जाता था ये दिल....
खोए रहते थे उन लफ्जों की गहराई में
जो महसूस मुझे होती थी,
यूंही नहीं हर एहसास तुझसे जुड़ते चले गए......
कुछ तो ख़लिश थी उन आंखों में,
जिस से हम नजर ना फेर सकें,
कोई तो छुपी डोर थी दोनों के दरमियां जो खींचती थी तेरी ओर....
हर आह पर तकती थीं ये अंखियां
उन रास्तों की ओर जिनमें से तेरा आना जाना होता था,
कभी तो लौट आओगे मेरी ओर यहीं इंतजार ये दिल
करता था.....
As✍️