होठों पे गहरी खामोशी
कविता
किसी इंसान के अंदर से
शिकायत और उम्मीद दोनों खतम हो जाना
मतलब
इन आंखों ने बहुत कुछ
ऐसे देख चुके हैं
जिसे इस आंखों को कभी देखना नहीं चाहिए था
बड़ें दिल रख कर सब कुछ छोड़कर आगे बढ़ जाना
मतलब
या नहीं कि वह सब कुछ भूल चुका है
दिल को हर एक समय याद है
जब इसे चोट पहुंचा था
आंखों ने हर एक झुटी चेहरे देखा है
जो अपनों के लिबास में अपने साथ है
होठों पे गेहरी खामोशी
और चेहरे पर शांति
तब आता है
जब लोग दुनिया को नहीं
खुद को पूरी तरह से जान लेते हैं
दुनिया को हद से ज्यादा जाना
दर्दनाक है
और सब कुछ जानकार
खामोशी रखते हुए आगे बढ़ जाना
उस इंसान की शांति का पहला कदम