तुमसे जुदा नहीं हूँ मैं
तुमसे जुदा नहीं हूँ मैं।
बस ख़ामोश सा सही हूँ मैं।
तेरी हर एक याद में अब भी,
धड़कन की तरह कहीं हूँ मैं।
तू सामने नहीं है तो क्या,
तेरे हर एहसास में ही हूँ मैं।
लोग समझे बिछड़ गया हूँ तुझसे,
सच ये है कि यहीं हूँ मैं।
तेरे जाने का ग़म नहीं रोता,
तेरे होने का यक़ीं हूँ मैं।
वक़्त ने ओढ़ा दी दूरी की चादर,
दिल के सबसे क़रीब वही हूँ मैं।
मुस्ताक़, ये दुनिया चाहे जो कह ले,
तुमसे जुदा नहीं हूँ मैं।