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लोगो के असली चहेरे देखने हैं तो अपना असली चेहरा छुपा लेना चाहिए। Priya kashyap
एक सच जो उसे पता था एक सच जो किसी ने सुना नहीं एक सच जो उसने छुपा लिया एक सच जो मेरी पहचान ले गया एक सच जो मैं किसी को समझा नहीं पाई एक सच जो अब कभी श्याद नहीं सामने आयेगा एक सच जो अब बस किसी के गुस्से और झूठ की भेंट चढ़ जायेगा एक सच जो मेरा था..वो पहचान जो मेरी थी वो शब्द जो मेरे थे पर अब किसी और के साथ हैं। Priya kashyap....
सत्य हमेशा अकेला होता हैं। झूठ के बहुत साथी होते है। Priya.k...🖋
heyy it's me matrubharti wali Priya kashyap .... जब जिंदगी आपको रुलाने पर ऊतर आती है ना तो आपके साथ कुछ भी हो सकता हैं। मैने मातृभारती पर लिखना 2025 में शुरू किया और ये मेरी जिन्दगी की सबसे बड़ी गलती थी....मुझें लोगो से बात करना उन्हे अपने बारे में बताना ,उनको सुनना अच्छा लगता हैं। लेकिन कभी सोचा नहीं था की ये मेरे लिए मेरे दुख का कारण बन जाएगा ,,,मैने कभी snapchat, instagram jaisi apps use नहीं की हां मैं आधुनिक युग की लडकी हूं पर ..मैं ऐसी ही हूं...यूट्यूब पर Rj निलेश मिश्र जी को सुनते हुए मुझें शांति मिलती हैं। फिर एक दिन April 2026 me मैंने snapchat Id aur instagram id बनाई.. कारण मेरी बुरी किस्मत मेरी पहचान खो गई मेरी उपस्थित की इतनी हल्की छाप थी की मैं किसी को याद भी नहीं रही और मेरा नाम मेरी पहचान मेरे वो शब्द सबकुछ मेरा पर किसी और के साथ जोड़ दिया गया ...मुझें कभी किसी के जाने का दुख नहीं हुआ हैं मैने पहले भी बहुत से अपने खोए हैं पर इस बार मेरी पहचान खो गई। प्रतिलिपी वाली प्रिया कश्यप....🙏🏻🕉🔱
ज्यादा समझदारी भी इंसान को अकेला कर देती हैं। पर इस समझदारी में शांति और सुकून होता हैं आज जब सबका असली चेहरा मेरे सामने आ गया हैं तब बस ये एक बात समझ आई...लोग सिर्फ झूठे ही नहीं वह बुरे हैं इतने की वह किसी की भावनाओ के साथ खेल भी सकते हैं और दूसरो के रोने पर हंस भी सकते हैं। हर मंदिर जाने वाला और व्रत रखने वाला इंसान अच्छा नहीं होता वो बस इन सब धार्मिक कार्यो के पीछे अपने गलत कामो छुपा रहे होते हैं। ऐसे लोगो को कभी अपनी गलती का एहसास नहीं होता । इन्हें दूसरो के आसूं बहते देखकर खुशी और सुकून मिलता हैं शायद वेदो और पुराणो में जिन राक्षसो की बात की गई हैं वह ये लोग ही हैं। मैं राक्षसो से मिल चुकी हूं अब भगवान का मिलना बाकी हैं। अब भी ईश्वर के इंतजार मैं.... Priya kashyap....
यूंही गिरते गिरते एक दिन सभंल जाऊंगी बदला नहीं लूगीं किसी से बस बदल जाऊंगी
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