ना हो मन निराश
करता रहे प्रयास
मिलेगी सफलता जरूर एक दिन
असफलताओं को मत गिन
एक-एक बूंद से भरती गागर
नदियों के मिलने से बनता सागर
बाधाएं तो आती हैं
सुख-दुख तो साथी हैं
अपने ही गिराते हैं मनोबल
शब्दों के बाण चलाते हैं
मिलती है जब कामयाबी
सब दौड़े चले आते हैं
रख हौसला खुद पर
तुझे वक्त बदलना है
बैठ ना यूं थक कर
चलना ही जिंदगी है
तुझे आगे बढ़ना है
ना हो मन निराश
रख जीतने की आस
जीत से ज्यादा जरूरी है
करते रहे प्रयास
मेहनत पर कर विश्वास
मंजिल होगी तेरे पास ।
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डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली