हर सुबह एक नया सवेरा है,
प्रकृति का यह कैसा बसेरा है।
फूलो की खुशबू, पंछियों का शोर,
मन मोह लेता है, चारों ओर।"
"नदियाँ बहती, झरने गिरते,
प्रकृति के ये रंग अनूठे।
पहाड़ों की चोटियाँ, बादलों को छूती,
हर पल नया रूप दिखाती।"
"हरे-भरे खेत, लहराती फसल,
प्रकृति का यह कैसा कमल।
सूरज की किरणें, चाँद की चाँदनी,
हर दिल को छू जाती, इसकी कहानी।"