गरीबी, गरीबों को मिटाने से नहीं, बल्कि उन्हें समानता की मुख्य धार में लाने से खत्म होती है।”
ये विचार ही स्वतंत्रता आंदोलन का मूल था।
इसके लिए ही कई समाज सुधार आंदोलन हुए,साथ ही कई समाज सुधारकों ने इसे अपना मूल लक्ष्य बनाया।
इसी के फलस्वरूप हमे संविधान में आर्टिकल 14 में विधि के समक्ष क्षमता और विधि का समान संरक्षण जैसे प्रावधान प्राप्त होए।