क्या बात है ...??
मेरे अंदर अब घमंड घर कर लिया है,
जबकि पता है मुझे घमंड तो रावण का भी चूर हुआ था,
मैं तो बस मामूली सी इंसान हूं ,,,
रोते हुए आँखें जुबां को कड़वा कर दिया है
मोल भाव की दुनियां में मेरे मासूम दिल का क्या काम??
अपनों के साथ साथ अनजानों को भी गलत लग रहे हैं,
मुझे इसकी क्यों परवाह करनी ...???
मैं जैसी थी अब वैसी नजर नहीं आना चाहती,
वक्त ने मुझे कुछ सिखाया है.....!!!
- M K