चीजों से डर कर उन्हें छोड़ देना बहादुरी नहीं होती,
बहादुरी तब होती है , जब हम टूट कर भी अपने लिए खड़े रहें।
इस बात से क्या फर्क पड़ता है... कौन आय,ा कौन गया,
कौन साथ है, और कौन छूट गया।
फर्क पड़ता है कि क्या तुम अभी भी ख़ुद के साथ हो?
क्या तुम ख़ुद के लिए अभी भी बोलते हो?
Nothing else matters.