Hindi Quote in Poem by Sudhir Srivastava

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

दोहा -कहें सुधीर कविराय
*******
राम, हनुमान, रावण
********
अति बलशाली वीर हैं, महावीर हनुमान।
राम कृपा मुझ पर रहे, ऐसा ‌ दो वरदान।।

पवन तनय मेरी सुनो, इतनी सी फरियाद।
आप और प्रभु राम जी, रखना मुझको याद।।

मारुति नंदन नाम है, बालवीर हनुमान।
भक्तों पर करिए कृपा, रहे मान सम्मान॥

तुम सेवक प्रभु राम के, लीला बड़ी अनंत।
चरण-शरण की कामना, पूर्ण करो हनुमंत॥

विनय हमारी आप से, सुनो‌ रुद्र अवतार।
पाप पुण्य जानूँ नहीं, देना मुझको तार।।

राम दूत हनुमानजी, हर लेते सब कष्ट।
नाम सुमिरता आपका , संकट होते नष्ट।।

राम भक्त हनुमान जी, करते सदा सहाय।
भूत प्रेत सब दूर से, करते रहते हाय।।

भक्त श्रेष्ठवर आप हैं, प्रभु जी हनुमत आप।
पवनपुत्र जी आप ही, हर लो मेरे पाप।।

लंका जारी आपने, सीता माँ को खोज।
जमकर तांडव संग में, किया वाटिका भोज।।

लंका तक थे तुम गये, करने प्रभु का काम।
रावण को बतला दिया, हनुमत मेरा नाम।।

राम सहारे मैं रहा, रामहिं मम आधार।
बस इतना ही जानिए, मेरा जीवन सार।।

राम खजाना चाहिए, रटो राम का नाम।
यदि मन में विश्वास तो, बन जायें सब काम।।

राम भक्ति का है नशा, चढ़ा आप के शीष।
लख सिंदुरी यह बदन, पाओ माँ आशीष।।

संकट मोचक आ हरो ,सबके मन की पीर।
जाप आपका जो करे, होये नहीं अधीर।।

विपदा हरते आप हैं, करते पूरण काज।
राह दिखाते हैं सदा, रखते सबकी लाज।।

लंका तक थे तुम गये, करने प्रभु का काम।
रावण को बतला दिया, हनुमत मेरा नाम।।

राम सहारे मैं रहा, रामहिं मम आधार।
बस इतना ही जानिए, मेरा जीवन सार।।

सदा सुमिरते राम को, जो जो आठों याम।
रक्षा उनकी खुद करें, सबके दाता राम।।

जिह्वा रटती ही रहे, प्रभु राम का नाम।
पूरी हो हर कामना, और राम का धाम।।

पवनपुत्र हनुमान जी, मुझको भी दो ज्ञान।
सियाराम के नाम का, कैसा है विज्ञान।।

विनय करूँ कर जोर मैं, माँ अंजनि के लाल।
क्षमा दान अब दीजिए, हाल हुआ बेहाल।।

दिल में जिसके था छपा, सियाराम का चित्र।
सीना चीर दिखा दिया, कैसे कहें विचित्र।।

शरण आपके आ गया, अब तो दे दो ध्यान।
विनती इतनी मैं करूँ, कर दो मम कल्याण।।

हृदय बसाओ राम को,धरो पवनसुत ध्यान।
मिले कृपा तब राम की, करिए हनुमत गान।।

शिव अंशी अवतार हो, रूद्र कहाते आप।
सूर्य गुरु हैं आपके, दुष्ट रहे सब कांप।।

संकट हो कितना बड़ा, कर हनुमत का ध्यान।
राम दास हनुमान का, अद्भुत है‌ विज्ञान।।

संकट में जो जप करें, पवन पुत्र का नाम।
मिलती है हनुमत कृपा बन जाते सब काम।।

हनुमत का सुमिरन करो, राम कृपा मिल जाय।
भक्त राम के चाहते, सबके राम सहाय।।

श्री हनुमत शनिदेव जी, कृपा कीजिए आप।
मिट जाएं मेरे सभी, रोग शोक संताप।।

आप सभी हम जानते, तुलसी हुए महान।
उन्हें बोध जब हो गया, राम कृपा का ज्ञान।।
***********
कब तक गाओगी भला, अपने मन की पीर।
किसने पोंछा क्या कभी, बहते नैनन नीर।।

मन मेरा करता नहीं, करुँ अधिक मैं काम।
बस इतनी सी चाह है, चमके मेरा नाम।।

सुधीर श्रीवास्तव

Hindi Poem by Sudhir Srivastava : 111947925
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now