**दोस्ती का अटूट नाता**
कुछ दिनों से उनसे बात ही नहीं हुई,
वो सोचते होंगे हम भूल गए होंगे उन्हें।
क्या बताऊं दिल की दास्तां,
इनसे तो है हमारा दोस्ती का अटूट नाता।
हर लम्हा उनकी यादों में खो जाते हैं,
बिन कहे ही मुस्कुराते चले जाते हैं।
वो समझते हैं शायद हम दूर हो गए,
पर दिल से दिल के तार जोड़े जाते हैं।
दोस्ती का ये रिश्ता कुछ खास होता है,
दिल की बात दिल से हीं होती है।
भले हीं बातों में कमी आ जाए,
पर दोस्ती की मिठास हमेशा रहती है।
यादें उनकी हर पल साथ निभाती हैं,
बिन बोले हीं वो बातें कह जाती हैं।
उनसे दूर होकर भी करीब हैं हम,
दोस्ती का ये बंधन सदा के लिए है अटूट।
तो क्या बताऊं दिल की दास्तां,
इनसे तो है हमारा दोस्ती का अटूट नाता।
हर पल हर घड़ी वो हमारे साथ हैं,
दिल के इस कोने में वो हमेशा पास हैं।