उन्हें जमाने का डर नहीं होता,
जिन्होंने जिंदगी की कई लड़ाईयां,
अकेले हाथ लड़ी हो,
क्यों उन्होंने इन सबसे मुकाबला किया होता है,
उनके मन के अंदर के डर से,
उनकी तन्हाइयों से,
एक रोज जब उन्हें मालूम चलता है कि कोई नहीं आएगा अब,
तब वे खुद ही खड़े हो जाते है हर जंग लड़ने के लिए,
सीखने के लिए,
और जीतने के लिए!