अक्सर एक प्रश्न उठता है !
आखिर मुझे किसका इंतजार है ?
क्या जो आँखो से दिखता है वह सत्य है?
अगर सत्य नही तो फिर सत्य क्या है ?
क्यों इस प्रश्न पर विचार कम आते है ?
कौन है जो इस विचार को आने से रोकता है?
कौन है जो आँखो को हृदय , मन , मस्तिष्क और
बुद्धि से बाँध रहा है | कौन है जो अव्यक्त रहना
चाहता है | कौन है असत्य का पान करना चाहता है |....
एकम