वहां रे मानव आज के
वहां रे मानव आज के
मन में लेके मैल पापों के
मंदिर बनाने चला है मानव
वहां रे मानव आज के
वहां रे मानव आज के
मां बाप को छोड़ वृद्धा आश्रम
पत्नी बच्चों संग है मगन
देता बच्चों को नैतिकता का ज्ञान है
ना हो जिसमें नैतिकता
वहां रे मानव आज के
वहां रे मानव आज के
पैसों के लिए है तैयार
भाई भाई का कतल करने को
बहन की बंधी राखी की
ना की कोई लाज
वहां रे मानव आज के
वहां रे मानव आज के