गुजरने को गुजर जाएगी,देखता हूँ ये ज़िन्दगी कहाँ ले जाएगी
मैंने उसे कितना कहा रुक जा, बेख़बर जनता था मुझसे मुकर जाएगी।
बहारे,खुशबू,गजलें, गाने तराने सब संग देखे!
तुझमे मेरा अक्स आता है,अब बता मुझसे दूर होके तू किधर जाएगी।
होली का रंग ,दीवाली का दीया
सब गुजरे तेरे साथ मेरे हमदम,
तूने मानी नहीं मेरी बात,मैं सोचता था तू सुधर जाएगी।
रह रह कर सांस लेना चाहता हूँ अब!
तूने तो देख लिया तेरा रास्ता,न जाने कब तेरी फ़िकर जाएगी।