एक समय ऐसा आता है
जो इस बात का अहसास
कराता है कि , स्वंय की खुशी के
बारे मे सोचना केवल एक अपराध है जब आप
अपनो से जुड़े लोगों की माँग पूरी नही कर पा रहे हो,
उनसे सम्मान पाने योग्य कार्य न किया हो | उनके जीवन की दिशा भ्रमित , पथहीनता का भय उत्पन्न कर रही हो |
......समयदीर्घा से