राम - राज्य (कुंडलियां)
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राम राज्य में सब सुखी , खुश थे सारे लोग ।
वही राज्य फिर से मिले, ऐसा हो संयोग ।।
ऐसा हो संयोग , इच्छा है ये हमारी।
जनमे फिर से राम, हमारे पालन हारी।।
ग़म का हो ना नाम , रहे ना जनता भूखी।
उमा बात ये ले जान,राम राज्य में सब सुखी।।
Uma Vaishnav
मौलिक और स्वरचित